मुहर्रम को अधिकतर लोग त्यौहार जानते हैं इसीलिए बहुत सी पुस्तकों में, अधिकतर वेबसाइट्स पर और गूगल पर भी मुहर्रम को त्यौहार बताया जाता है। हद तो ये है कि बहुत से लोग मुहर्रम की बधाईयाँ देते हैं और बड़ी उत्सुकता और प्रसन्नता के साथ "हैप्पी मुहर्रम" लिखकर साझा करते हैं। बहकते हुए नौजवान, डूबती हुई शुध्द शिक्षा और घटती हुई समझ को देखर कुछ निम्न महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर।
मुहर्रम क्या है? मुहर्रम का अर्थ क्या है? क्या मुहर्रम एक त्यौहार है? मुहर्रम त्योहार नहीं है तो बहुत सी पुस्तकों और गूगल पर भी मुहर्रम को त्यौहार क्यों बताया जाता है? मुहर्रम में खुशियाँ मनाई जाती हैं या शोक? मुहर्रम में किसका शोक मनाया जाता है? क्या मुहर्रम की मुबारकबाद देनी चाहिए?
1. मुहर्रम क्या है?
मुहर्रम कमरी कैलेण्डर के प्रथम माह का नाम है।
A. कमरी कैलेण्डर क्या है?
यह एक ऐसा कैलेण्डर है जो चन्द्रमा की चाल और इसके आकार पर निर्भर होता है। प्रत्येक माह की पहली दिनांक चन्द्रमा का पहल दृश्य होता है। नये चन्द्रमा का प्रथम दृश्य मौसम के अलग - अलग घटक पर निर्भर होता है जैसे कि वातावरण इत्यादि। कमरी कैलेण्डर केवल आंकलन है भविष्य के इसलामी आयोजनों का।
B. कमरी कैलेण्डर के महीनों का नाम क्या है?
कमरी कैलेण्डर के महीनों का नाम है मुहर्रम, सफर, रबीउल अव्वल, रबीउस सानी, जुमादल ऊला, जुमादस सानिया, रजब, शाबान, रमज़ान, शव्वाल, ज़ुल्कादाह और ज़ुल्हिज्जा।
2. मुहर्रम का अर्थ क्या है?
मुहर्रम का अर्थ है मना किया हुवा, वर्जित निषिद्ध।
3. क्या मुहर्रम एक त्यौहार है?
नहीं! मुहर्रम कोई त्यौहार नहीं है। मुहर्रम कमरी कैलेण्डर के प्रथम माह का नाम है।
4. अगर मुहर्रम त्योहार नहीं है तो शीया मुसलमान मुहर्रम क्यों मनाते हैं?
ये लोगों का भ्रम है कि हम 'मुहर्रम' मनाते हैं पर हम असल में मुहर्रम नहीं बल्कि मुहर्रम के महीने में 'शोक' मनाते हैं। लोगों को ये मालूम होना चाहिए कि त्यौहार उस दिन को कहते हैं जिस दिन खुशियाँ मनाई जाती हैं और हम मुहर्रम में खुशियाँ नहीं शोक मनाते हैं। अंग्रेज़ी में खुशियाँ मनाने को सेलेब्रेट और शोक मनाने को माॅर्न कहते हैं। मनाने की अंग्रेज़ी हर जगह सेलेब्रेट नहीं होती है।
5. मुहर्रम त्यौहार नहीं है तो पुस्तकों और गूगल पर इसे त्यौहार क्यों बताया जाता है?
मुहर्रम को त्यौहार बताने वाली पुस्तकें और वेबसाइट्स या तो अधूरी जानकारी रखते हैं या उन्हें त्यौहार का उल्टा नहीं मालूम या फिर वे समझते ही नहीं कि शोक दिवस भी होता है और रही बात गूगल की तो वो एक सर्च इंजन है।
अधिकतर लोग त्यौहार मनाते हैं और उन्हें अधिकतर खुशियाँ ही याद रहती हैं इसीलिए वे मुहर्रम को त्यौहार समझते हैं। वे शायद हमारी आँखें देखना भूल जाते हैं कि हम खुशियाँ नहीं शोक मना रहे हैं। या फिर वे हमें तब देखते हैं जब हम शोक मनाकर थोड़ा सुकून महसूस करते हैं और उस सुकून भरे चेहरे के भाव को देखकर सामने वाला ये समझता है कि खुशी मनाई गयी है। हर मुसकुराते हुए चेहरे के पीछे खुशी नहीं होती और न ही हर मुसकुराता हु़आ चेहरा खुश होता है।
प्रत्येक व्यक्ति जिन्हें मुहर्रम त्यौहार लगता है वे या तो अधूरी जानकारी रखते हैं या जानने के बाद भी मूर्ख हैं। हम 26 जनवरी नहीं गणतंत्रता दिवस मनाते हैं। 15 अगस्त नहीं स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं और 2 अक्तूबर नहीं गांधी जयंती मनाते हैं। ये तीनों राष्ट्रीय त्यौहार हैं और इस दिन हम शोक नहीं खुशियाँ मनाते हैं। स्वतंत्रता दिवस पर अधिकतर लोगों को अपनी स्वतंत्रता याद रहती है इसी लिए इस दिन अधिकतर लोग खुशियाँ मनाते हैं। अगर देश के अधिकांशतः लोगों को हमारे स्वतंत्रता सेनानीयों की कुरबानी याद रहती तो स्वतंत्रता दिवस शोक दिवस के रूप में मनाया जाता न कि त्यौहार के रूप में।
न तो हम मुहर्रम में खुशियाँ मनाते हैं और न ही जश्न। हम मुहर्रम के महीने में शोक मनाते हैं, रोते हैं, विलाप करते हैं।
6. मुहर्रम में किसका शोक मनाया जाता है?
मुहर्रम में हम करबला के शहीदों का और इमाम हुसैन (अ. स.) की शहादत का शोक मनाया जाता है।
7. क्या मुहर्रम की मुबारकबाद देनी चाहिए?
इसका जवाब सवाल से ही समझ लें। क्या मुझे आपको मुबारकबाद देनी चाहिए जब आप के घर का कोई मर गया हो? आपके पिता, माता, भाई या बहन के मरने पर क्या मुझे आपको मुबारकबाद देनी चाहिए?

0 टिप्पणियाँ